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The Magic of Thinking Big

THE MAGIC OF THINKING BIG
THE MAGIC OF THINKING BIG

बड़ी सोच का बड़ा जादू।

द मैजिक आफ थिंकिंग बिग (The magic of thinking big) में बताया गया है कि बड़ा सोचने से और खुद पर भरोसा करने से आप किस तरह से दूसरों का भरोसा जीत सकते हैं और खुद कामयाब हो सकते हैं। इस किताब की मदद से आप अपने डर पर जीत हासिल कर और अपनी गलतियों से सबक़ लेना सीख कर कामयाबी हासिल कर सकते हैं।

-वे जो आत्मविश्वास की ताकत के बारे में जानकर उसे बढ़ाना चाहते हैं।
-वे जो अपने डर पर काबू पाना चाहते हैं।
-वे जो कामयाबी हासिल करने के तरीकों के बारे में जानना चाहते हैं।

लेखक

डेविड श्वार्ट्स (David Schwartz) अमेरिका के एक लेखक और कोच थे। वे अपनी किताब द मैजिक आफ थिंकिंग बिग के लिए जाने जाते हैं। वे जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर थे। उन्होंने बहुत सारी कंपनियों को प्रेरणा दी। उनकी किताबों की मदद से दुनिया भर के लोगों ने अपने सोचने और जीने का तरीका बदला।

किसी काम को शुरू करने से पहले आपको खुद पर भरोसा करना होगा।

हम सभी के पास एक लक्ष्य है। कुछ लोग उसे पाने के लिए अपने घरों से निकल चुके हैं तो कुछ लोग अभी यह सोच रहे हैं कि उन्हें कब शुरू करना है। जो शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं उनके मन में यह सवाल जरूर आया होगा – शुरुआत कहाँ से की जाए? आइए इस सवाल का जवाब देने की कोशिश करते हैं। शुरुआत करने से पहले आपको खुद पर भरोसा करना होगा कि आप वह काम कर सकते हैं। अगर आप खुद पर भरोसा नहीं करते तो आप वह कम नहीं कर पाएंगे। खुद पर भरोसा करने से आपका दिमाग एक क्रिएटिव पावर पैदा करता है जो आपको आपकी मंजिल का रास्ता दिखाता है। इस क्रिएटिव पावर की मदद से आप मुश्किल से मुश्किल हालात से निकलने का रास्ता खोज कर बड़े से बड़े काम को कर सकते हैं।

खुद पर भरोसा करने के और भी बहुत से फायदे हैं। मैकिंसे फाउंडेशन फार मैनेजमेंट रीसर्च (McKinsey Foundation for Management Research) ने अपनी एक स्टडी में बिजनेस, गवर्नमेंट, साइंस और धर्म के लीडर्स और लोगों से पूछा कि वे किस तरह के लोगों के साथ काम करना पसंद करते हैं। उन में से ज्यादातर लोगों ने कहा कि वे उनके साथ काम करना चाहेंगे जिसमें आगे बढ़ने की और सबको आगे ले जाने की ख्वाहिश हो। जो व्यक्ति खुद पर जितना ज्यादा भरोसा करेगा वो उतना आगे जाएगा। इसका मतलब है ज्यादातर लोग उसके साथ काम करना चाहते हैं जो खुद पर भरोसा करता है। खुद पर भरोसा करने वाले जल्दी हार नहीं मानते और समय के साथ वे लोगों का भरोसा भी जीत लेते हैं।

अपने दिमाग को कामयाब लोगों की तरह सोचने पर मजबूर कीजिए।

कामयाब और नाकामयाब लोगों में सिर्फ सोचने का फर्क होता है। इसलिए अगर आपको कामयाब बनना है तो आपको अपने सोचने का तरीका बदलना होगा। दिमाग की कसरत दो तरह से होती है किसी चीज़ को याद करना और किसी समस्या से निकलने के लिए एक अलग और नया रास्ता खोजना। दोनों ही बहुत जरूरी हैं। लेकिन कामयाब लोग कुछ अलग और कुछ नया सोचने की कोशिश करते हैं। वे किसी समस्या के हल को याद करने के बजाय खुद के हल बनाते हैं और उन्हें इस्तेमाल करते हैं।

दूसरी तरफ अगर आप चीज़ों को याद करेंगे तो उन्हें आप समय के साथ भूल जाएंगे। चीज़ों को याद करना कभी कभी बहुत जरूरी हो सकता है लेकिन आपको इसमें अपना ज्यादा ध्यान नहीं लगाना चाहिए। जब भी आपका सामना किसी समस्या से हो आप किसी किताब में उससे निकलने का तरीका खोजने के बजाय खुद से उसका हल निकालिए। इससे आपका दिमाग तेज होगा और आप किसी भी चुनौती का सामना कर के उसका हल निकालने में माहिर बन जाएंगे।

अपने सोचने की क्षमता को आप तीन तरीकों से बढ़ा सकते हैं -:
-नए आइडियाज़ को हमेशा खोजते रहिए।
-नए काम करने के मौकों को मत गँवाइए।
-रोज सुबह 10 मिनट इस सवाल का जवाब देने में बिताइए- आप किस तरह से खुद को अपने काम में बेहतर बना सकते हैं?

इसके अलावा आप ऐसे लोगों के साथ समय बिताइए जो आपसे अलग सोचते हों या जिनके काम करने का तरीका आप से ना मिलता हो। ऐसा करने से आपको नई जानकारी मिलती रहेगी जिसका इस्तेमाल कर आप अपने काम करने के तरीके को पहले से बेहतर बना सकते हैं।

अपने दिमाग से नेगेटिव बातों को निकाल दीजिए।

नेगेटिव बातें सुनने या करने से हमारा हौसला कम होता है। ये बातें हमें अंदर ही अंदर से कमजोर बना देती हैं और समय के साथ ये हमारे अंदर कुछ इस तरह से बैठ जाती हैं जिससे इनके होने का हमें पता भी नहीं चलता। लेकिन अगर आप कामयाब होना चाहते हैं तो आपको अपने अंदर से इन सभी बातों को निकालना होगा। इसकी शुरुआत करने के लिए सबसे पहले आप उन चीज़ों से दूर रहिए जहाँ से नेगेटिव बातें आपके कानों में जाती हैं। आप हर उस व्यक्ति या चीज से दूर रहिए जिससे आपके अंदर नेगेटिविटि आती हो। बहुत सारे पैदाइशी कामयाब लोगों के सपनों को नेगेटिव लोगों ने ये कह कर मार दिया कि वे अपने सपनों को पूरा नहीं कर सकते। नेगेटिव लोगों के पास किसी समस्या का समधान नहीं होता। उनके लिए समाधान ही समस्या होती है।

इससे निकलने के लिए रोज सुबह कुछ अच्छा सोचकर या पढ़कर अपने दिन की शुरुआत कीजिए। आप खुद के बारे में अच्छा सोचिए और यह देखिए कि आपके अंदर क्या खूबियाँ हैं जो बाकि लोगों में नहीं है। इन खूबियों को कहीं लिख लीजिए और हर रोज इसे जोर जोर से पढ़िए। इससे आप खुद पर भरोसा कर सकेंगे और नेगेटिविटि को अपने अंदर से निकाल सकेंगे। जब आपको अपनी खूबियों के बारे में पता लग जाए तब आप उन खूबियों पर ध्यान दीजिए। इन पर काम कर के आप खुद को पहले से ज्यादा बेहतर और दूसरों से ज्यादा अलग बन सकते हैं। हमेशा अच्छा सोचिए और कभी भी किसी नेगेटिव चीज को अपने रास्ते में मत आने दीजिए।

दूसरों की मदद से आप जल्दी कामयाब बन सकते हैं।

अगर आपको ऊपर उठना है तो सबसे पहले आपको लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाने होंगे। रिश्ते बनाना कामयाबी के लिए बहुत जरूरी है और बिना इसके आप जल्दी कामयाबी हासिल नहीं कर पाएंगे। इसलिए इस बात का ध्यान रखिए कि आप हर किसी से अच्छे से बात करें। किसी भी बिजनेस के कामयाब होने के लिए यह जरूरी है कि उसके कर्मचारियों के बीच अच्छे संबंध हों। इसके अलावा मैनेजर और कर्मचारियों में भी अच्छे संबंध होने चाहिए। ग्राहक और कंपनी के बीच अगर अच्छे संबंध नहीं है तो कंपनी कभी कामयाब नहीं होगी। इसलिए हर एक व्यक्ति का हर एक व्यक्ति से अच्छा संबंध होना चाहिए।

अगर कोई आप पर गुस्सा कर रहा है तो समझ जाइए कि वो आपकी इज्जत नहीं करता। वो आपकी इज्जत इसलिए नहीं करता क्योंकि आप उसकी इज्जत नहीं करते हैं। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि हर कोई आपकी इज्जत करे तो आपको हर किसी को सम्मान देना होगा। ये लोग ही आपको ऊपर उठाने का काम करेंगे। आप कभी अकेले कामयाबी हासिल नहीं कर सकते। ज्यादातर कामयाब लोग ऐसे ही कामयाब हुए हैं। वे अपने आस पास के लोगों से अच्छे संबंध बनाते हैं और समय आने पर वे उनकी मदद करते हैं जिससे उनकी रफ्तार बढ़ जाती है। इसलिए आप जिससे भी मिलें उसका नाम याद कर लीजिए। आप उनकी हर एक कामयाबी के लिए उन्हें मुबारकबाद दीजिए और उनके साथ अच्छा व्यवहार कीजिए। आप उनके साथ ऐसे व्यवहार कीजिए जैसे वे ही आपको कामयाबी तक ले जाने का काम करने वाले हैं।

अपनी संगति अच्छी रखकर आप अपने आप को हर वक्त मोटिवेट कर सकते हैं।

कामयाब लोग हमेशा अपने सपनों की और कामयाबी की बातें करते हैं। वे दिन रात काम के बारे में सोचते हैं और उसे करने के नए और आसान तरीकों के बारे में सोचते हैं। वे अपने आप को पहले से बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं। दूसरी तरफ नाकामयाब लोग टीवी देखते हैं और एक साथ बैठाकर गप्प मारते हैं। अगर आप एक साल तक 9 कामयाब लोगों के साथ रहेंगे तो एक साल बाद 10वें कामयाब व्यक्ति आप होंगे। दूसरी तरफ अगर आप 2 महीना 4 शराबियों के साथ बिताएँ तो 5वें शराबी आप बनेंगे। इसलिए आप जैसा बनना चाहते हैं वैसे ही लोगों के साथ रहिए।

अपने आस पास कामयाबी का माहौल बना कर आप एक कामयाब सोच विकसित कर सकते हैं। आप जिनके साथ उठते बैठते हैं वही बन जाते हैं। इसलिए अपने काम पर, अपने घर पर, अपने समाज में सिर्फ उन लोगों के साथ संबंध बनाइए जो आपकी तरह कामयाब होना चाहते हैं और आप पर भरोसा करते हैं। ऐसे लोग आपको मोटिवेट करेंगे और कामयाबी के रास्तों को आसान बनाएंगे।

इसके अलावा आप कामयाब लोगों की किताबें पढ़िए और उनके बारे में पढ़िए। आप अगर एक कामयाब बिजनेस मैन बनना चाहते हैं तो आप बिल गेट्स के बारे में पढ़िए, अगर आप एक कामयाब साइंटिस्ट बनना चाहते हैं तो स्टीफेन हाकिंस के बारे में पढ़िए या अगर आप एक इंवेस्टर बनना चाहते हैं तो वैरेन बफ्फेट के बारे में पढ़िए। अपने माहौल को बेहतर बना कर आप खुद को बेहतर बना सकते हैं। इसलिए इस पर खास ध्यान दीजिए।

आपका एटिट्यूड आपकी सोच का आइना है।

हमारा एटिट्यूड हमारे बारे में बहुत सी बातें बताता हैं। हमारे बात करने के तरीके की आवाज हमारे शब्दों से ज्यादा ऊंची होती है। कैसे बोलना हैं ये हमें अपनी जिन्दगी के शुरुआत के दो सालों में पता हो जाता है लेकिन कैसे नहीं बोलना है, यह सीखने में सारी उम्र बीत जाती है। पुराने समय के लोगों को बोलना या लिखना नहीं आता था। वे एक दूसरे के हाव भाव से ही उनके मूड का पता लगाते थे। आज हमें बोलना और लिखना तो आता है लेकिन फिर भी हम दूसरों के हाव भाव को देखकर उनके मूड का पता लगा सकते हैं। हमारे पूर्वजों की यह खूबी आज भी हमारे अंदर है। इसलिए इस पर खास ध्यान देने की जरूरत है।

एक अच्छा एटिट्यूड बनाने के लिए आपको अपने काम पर भरोसा होना चाहिए। अगर आपको पता होगा कि आप जो कर रहे हैं वो सही है और उसका नतीजा भी अच्छा होगा तो आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप एक अच्छे एटिट्यूड को अपने अंदर जगह दे पाएंगे। दूसरी तरफ अगर आप ऐसा काम कर रहे हैं जो आपको अच्छा नहीं लग रहा या फिर जो गलत है तो आपका आत्मविश्वास कम हो जाएगा। इससे आपका मूड खराब रहने लगेगा और आपके अंदर नेगेटिव एटिट्यूड बनने लगेगा। इसलिए आप हर वो काम कीजिए जो सही है, आप अच्छे कपड़े पहनिए जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ सके और अपने काम पर भरोसा कीजिए। जब आपको लगेगा कि आपके आस पास के लोग आपके बारे में अच्छा सोच रहे हैं तो आप भी अच्छा सोचने लगेंगे।

अपने डर को आत्मविश्वास से खत्म किया जा सकता है।

हम में से हर किसी को एक ना एक बार किसी काम को करने से डर लगा है। कभी कभी हमें किसी काम को करने में हिचकिचाहट होती है जिससे हम वो काम नहीं करते। ये डर और हिचकिचाहट आपको कामयाब होने से रोकती है। इसलिए इसे अपने अंदर से निकालना बहुत जरूरी है। सबसे पहले आपको यह जानना होगा कि यहाँ पर हर किसी को डर लगता है। अगर आपको डर लग रहा है तो इसमें कोई नई बात नहीं है। बहादुर से बहादुर लोगों को भी डर लगता है लेकिन वे उस पर काबू पा लेते हैं जिसकी वजह से उन्हें बहादुर कहा जाता है। इसलिए आपको भी इस पर काबू पाना होगा।

डर को खत्म करने की दवा का नाम है आत्मविश्वास। ये आपके अंदर के डर को खत्म भी कर देगा और आपके अंदर नए डर को पैदा होने से रोकेगा। लेकिन आत्मविश्वास को मजबूत करने के लिए आपको मेहनत करनी होगी। इसे मजबूत करने के कुछ तरीके नीचे दिए गए हैं -:

-आप आत्मविश्वास से भरे होने का नाटक कीजिए। आप यह दिखाइए कि आप पूरी तरह से खुद पर भरोसा करते हैं। इससे आप अपनी भावनाओं पर काबू पा सकते हैं। समय के साथ आपको इसकी आदत पड़ जाएगी।

-लोगों से ज्यादा आँखें मिलाइए।
-अपने चलने की स्पीड को थोड़ा सा बढ़ा दीजिए।
– प्रेजेंटेशन के वक्त सबसे आगे बैठिए।

ऐसा करने से आप लोगों से अपना मिलना जुलना बढ़ा सकते हैं जिससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। आपको हमेशा अपने आत्मविश्वास पर काम करते रहना होगा।

THE MAGIC OF THINKING BIG

कामयाब लोग फिर से कोशिश करते हैं जबकि नाकामयाब लोग बहाने बनाते रह जाते हैं।

हर कामयाब व्यक्ति वो नाकामयाब व्यक्ति था जिसने तब तक हार नहीं मानी जब तक वो कामयाब नहीं बन गया। कामयाब लोग 100 बार गिरने पर भी उठ खड़े होते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि ठोकरें जहर नहीं हैं जिन्हें खा कर वे मर जाएंगे। इसलिए वे कोशिश करते रहते हैं और वक़्त के साथ कामयाब बन जाते हैं। दूसरी तरफ नाकामयाब लोग एक बार हारने पर बहाने बनाने लगते हैं। वे दूसरों को समझाने लगते हैं कि वे क्यों हार गए। उन्हें इस बात का एहसास नहीं होता कि जिन हालात के सामने वे घुटने टेक रहे हैं, उनसे भी खराब हालात में किसी ने कामयाबी हासिल की थी। उन्हें नहीं पता कि समस्याएँ सभी को झेलनी पड़ती है।

कामयाबी के रास्ते पर निकलने से पहले यह बात अपने दिमाग में बैठा लीजिए कि आपका सामना नाकामयाबी से होने वाला है। एक बार कामयाब होने के लिए आपको कई बार नाकामयाब होना होगा। इसलिए अपने हौसले को मजबूत बनाइए और आगे बढ़ने का फैसला कीजिए। चुनौतियों का सामना कर के ही आप कामयाबी के लायक बन सकेंगे। इस दुनिया में हर चीज की एक कीमत होती है। अगर आपको वह चीज चाहिए तो आपको उसकी किमत चुकानी होगी। शिकायतें कमजोर किया करते हैं और कामयाबी कमजोर लोगों के लिए नहीं है।

अपनी मंजिल को हासिल करने के लिए प्लैन बनाइए और अपनी गलतियों से सीख लीजिए।

अपनी मंजिल तय करना कामयाबी के रास्ते का सबसे पहला और सबसे आसान कदम है। अपने सपनों को सच करने के लिए आपको बहुत से मुश्किल रास्तों से हो कर गुजरना होगा। इसके लिए आपको एक प्लैन की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए सबसे पहले आपको यह देखना होगा कि कामयाब लोगों ने वो रास्ता कैसे तय किया था। इसमें आपको लिखना होगा कि कब आपको क्या काम करना है और उस काम का नतीजा कब आपको देखने को मिल सकता है।

आप चाहे कितना भी अच्छा प्लैन क्यों न बना लें, आपको नाकामयाबी का सामना करना होगा। कामयाबी के रास्ते सीधे नहीं होते। इसमें आपको हारना होगा, गिरना होगा। लेकिन हर बार आपको फिर से कोशिश करने के लिए उठना भी होगा। अपनी हर नाकामयाबी के बाद आप उससे सीख लीजिए। आप खुद को दोष मत दीजिए और ना ही किसी और को। आप अपने आप से सवाल कीजिए आपने क्या किया होता जिससे आप नाकामयाब ना हुए होते? दूसरे शब्दों में आप यह सोचिए कि आप से कहाँ गलती हुई। आप अपनी गलतियों से सीखने की कोशिश कीजिए।

अपनी मंजिल को पाने के लिए आपको लगातार कोशिश करनी होगी। इसके लिए आपको अपनी गलतियों से और दूसरों की गलतियों से सीखने की जरूरत पड़ेगी। आप जितना ज्यादा सीखेंगे उतने मजबूत बनेंगे और कामयाबी के उतने नजदीक पहुंच जाएंगे।

खुद पर भरोसा करने से आपके अंदर हर मुश्किल हालात से लड़ने की ताकत आती है।

इससे आप अपने डर पर काबू पा कर अपने आप को मजबूत बना सकते हैं और दूसरों का भरोसा जीत सकते हैं। कामयाबी के लिए खुद पर भरोसा करना बहुत जरूरी है। इसके अलावा अच्छे संबंध बना कर, प्लैन बना कर और अपनी गलतियों से सीख ले कर हम अपने आप को पहले से बेहतर बना सकते हैं और कामयाबी हासिल कर सकते हैं।

जब हम बोलते हैं तो हमें जो पहले से पता होता है उसे ही दोहराते हैं लेकिन जब हम सुनते हैं तब हमें कुछ नया सीखने को मिलता है। इसलिए अगर आप अपने किसी पुराने दोस्त से मिलें तो उनकी बातों को ध्यान से सुनें। आप उनसे सवाल कीजिए जिससे उन्हें लगे कि आप उनकी बात सुन रहे हैं और ज्यादा जानने के बारे में उत्सुक हैं।

किताबें पढ़ने से या किसी सेमिनार में जाने से आप अपनी जानकारी बढ़ाते हैं। इससे आप अपने दिमाग की ताकत को बढ़ा कर पहले से ज्यादा काबिल और कामयाब बनते हैं। आपकी जानकारी के बढ़ने से आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और आप मुश्किलों से आसानी से लड़ सकेंगे।

कभी कभी जब हम अपने काम से ऊबने लगते हैं तो हम बहाने बना कर उससे दूर भागने की कोशिश करते हैं। हम सैर करने, खाना खाने या सोने का बहाना कर के अपने काम से छुटकारा पाने की कोशिश करते हैं। ऐसा करते वक्त हम यह भूल जाते हैं कि काम से पीछा छुड़ा कर हम कामयाबी से पीछा छुड़ा रहे हैं। जब भी आप दिमाग में अपने काम को कल के लिए टालने का खयाल आए आप खुद से कहिए – यह काम करने का बहुत अच्छा समय है। इससे अच्छा समय कभी नहीं मिलने वाला। इस लाइन को तब तक दोहराते रहिए जब तक आपका काम करने का मन ना करने लगे।

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