Site icon rxbAN

Coffee Lunch Coffee

 

नेटवर्किंग का मास्टर बनने के लिए एक प्रैक्टिल गाइड।

 

कॉफी लंच कॉफी (Coffee Lunch Coffee) में हम देखेंगे कि किस तरह से आप नेटवर्किंग कर सकते हैं। यह किताब बताती है कि नेटवर्किंग करना क्यों जरूरी है और इससे आपको क्या फायदे हो सकते हैं। साथ ही यह किताब हमें लोगों से अच्छे रिश्ते बनाने के बहुत से प्रैक्टिल तरीके भी बताती है।

 

लेखक

Alana Muller (Alana Muller) ist eine junge Frau, die sich in einem Krankenhaus befindet, und hat sich dort eine Auszeit genommen के तरीके बताती हैं। वे एक लेखिका हैं जो अपनी किताब “कॉफी लंच कॉफी” के लिए जानी जाती हैं। साथ ही वे CoffeeLunchCoffee.com नाम का एक ब्लॉग भी लिखती हैं।

 

बहुत से लोगों का मानना है कि अकेले काम करने वाले लोग बहुत काबिल होते हैं।

उनका कहना है कि दूसरों की मदद लेने वाले लोग कमजोर होते हैं। लेकिन शायद इन लोगों को यह नहीं पता कि एक अकेला आदमी कितना भी तेज या ताकतवर क्यों न हो, वो 10 लोगों से कभी भी नहीं लड़ पाएगा। इसलिए यह जरूरी है कि आप नए लोगों से मिलिए और खुद को पहले से मजबूत बनाइए।

यह किताब हमें बताती है कि किस तरह से आप नेटवर्किंग के मास्टर बन सकते हैं। यह किताब बताती है कि नेटवर्किंग क्यों जरूरी है और इससे आपको क्या फायदे हो सकते हैं। साथ ही यह किताब हमें बताती है कि किस तरह से आप लोगों से अपनी मीटिंग को मजेदार, यादगार और बेहतर बना सकते हैं।

किसी भी फील्ड में कामयाब होने के लिए आपको नेटवर्किंग करना आना चाहिए।

अक्सर हमें अपने काम में उन लोगों की जरूरत होती है जो हमसे ज्यादा जानते हैं और हमारे काम में हमारी मदद कर सकते हैं। इस तरह के लोगों के होने से जिन्दगी बहुत आसान हो जाती है। लेकिन नेटवर्किंग का मतलब यह नहीं है कि आप बस लोगों का बिजनेस कार्ड इकठ्ठा करते घूमें। इसका मतलब है आप उनसे इतने अच्छे रिश्ते बनाएँ कि वो आपको अपने कान्टैक्ट लिस्ट के एक और नंबर की तरह ना देखें।

एक अच्छा नेटवर्कर बनने के लिए आपको लोगों की जिन्दगी में दिलचस्पी दिखानी होगी। आपको सिर्फ यह नहीं देखना कि वो व्यक्ति आपके लिए क्या कर सकता है। बल्कि आपको यह देखना है कि आप उसके लिए क्या कर सकते हैं। आप जितना उनकी मदद करने की कोशिश करेंगे, उतना आपके रिश्ते मजबूत होंगे और आपको जिन्दगी में आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे।

एक अच्छा नेटवर्कर बनने के लिए आप कुछ तरीके अपना सकते हैं। सबसे पहले आपको 30 सेकेंड की एक एलिवेटर पिच तैयार करनी होगी जिसमें आप खुद को जल्दी से इन्ट्रोड्यूस करा सकें। इस 30 सेकेंड में आप बताइए कि आप कौन हैं, क्या करते हैं और किन नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल करते हैं।

इसके बाद आपको यह सीखना होगा कि किस तरह से आप अपनी कहानी सुना सकते हैं। साथ ही आपको अपना पोर्टफोलियो और अपना रेस्यूमे बनाना भी सीखना होगा। इसके बाद आप नेटवर्किंग कर सकते हैं।

नेटवर्किंग को एक नौकरी की तरह देखिए और अपनी जिन्दगी का कुछ समय इसे दीजिए।

नेटवर्किंग का आसान सा मतलब है रिश्ते बनाना। आपके पास जितने अच्छे रिश्ते होंगे, वे मुसीबत में आपके उतने काम आएंगे। इसलिए आप एक मजबूत नेटवर्क बनाने में अपना कुछ समय लगाइए।

 

लेखिका ने जब स्प्रिंट नेक्टल कार्प की नौकरी छोड़ी तो उन्होंने अगले 9 Minuten महीने सिर्फ और सिर्फ नेटवर्किंग को दे दिए। वो अलग अलग लोगों से और कंपनियों से मीटिंग बुक करतीं थीं और उनसे अच्छे रिश्ते बनाने की कोशिश करतीं थीं। इससे उन्होंने खुद को अकेलेपन का शिकार होने से बचाया और साथ ही उन्होंने 160 मीटिंग में जाकर 200 लोगों से अच्छे रिश्ते बनाए।

इस सफर में लेखिका को बहुत कुछ सीखने को मिला। उन्होंने जाना कि किस तरह से वे खुद को अलग अलग माहौल में ढ़ाल सकती है। उन्होंने एक ऐसा ग्रुप बनाया जहाँ वे सब एक साथ मिलकर काम कर सकें।

 

हर कोई इस तरह से लोगों से मिलना पसंद नहीं करता, लेकिन फिर भी आपको नए लोगों से मिलना चाहिए। आपको नेटवर्किंग को भी एक नौकरी की तरह देखना चाहिए और सुबह जल्दी उठकर इसकी प्लानिंग करनी चाहिए। किसी से मिलने का सबसे अच्छा समय होता है सुबह काफी के वक्त मिलना, दोपहर के खाने के वक्त मिलना और दोपहर के बाद काफी पर मिलना।

 

जब आप नए लोगों से मिलने की आदत बना लेंगे तो समय के साथ यह आपको आसान लगने लगेगा। कुछ लोगों को सबसे मिलना अच्छा लगता है जबकि कुछ लोग इससे नफरत करते हैं। लेकिन फिर भी, इसके बहुत से फायदे हो सकते हैं और इसलिए आपको नेटवर्किंग जरूर करना चाहिए।

अच्छे से नेटवर्किंग कर पाने के लिए आपको अपने लम्बे समय के गोल्स के बारे में सोचना होगा।

अब सवाल यह आता है कि आप किससे मिलेंगे। इसका जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह की जिन्दगी चाहते हैं। आप जिस तरह का काम करना चाहते हैं उसी तरह के लोगों के साथ मिलना शुरू कीजिए। यह देखिए कि कौन सा व्यक्ति है जो आपकी मंजिल हासिल करने में आपकी मदद कर सकता है।

एक बार आपको यह पता लग जाए कि आपको किससे मिलना है, तो यह देखिए कि किस तरह से आप उन्हें फायदा पहुंचा सकते हैं। कुछ समय निकाल कर इन लोगों की एक लिस्ट बनाइए

नान-नेगोशिएबल्स का मतलब उन चीज़ों से है जिनके साथ आप समझौता नहीं कर सकते। आपको यह पता होना चाहिए कि वो कौन सी चीज है जो आपको हर कीमत पर चाहिए। हो सकता है आपको चाहते हों कि एक काम में आपको अपने परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिले।

एक बार आपको यह पता लग जाए कि आपको क्या चाहिए, कौन वो चीज़ आपको दे सकता है और किस तरह से आप उस व्यक्ति की मदद कर सकते हैं, तो आपको मीटिंग की तैयारी करनी चाहिए। आपको अपनी भावनाओं पर काबू रखना चाहिए और मुस्कुराते हुए लोगों से मिलना चाहिए। इससे सामने वाले को आप से मिलने पर खुशी होती है और आप उसके ऊपर अपना एक अच्छा इंप्रेशन दे पाते हैं।

 

कहानियों की मदद से आप सामने वाले का ध्यान खींच सकते हैं।

इस दुनिया में शायद ही कोई ऐसा है जिसे कहानियाँ नहीं पसंद है। कहानियों की मदद से आप लोगों का ध्यान खींच पाते हैं और उन्हें अपने बारे में बहुत कुछ बता पाते हैं। इससे आप यह बता पाते हैं कि आपकी जिन्दगी में क्या समस्या आई और किस तरह से आप ने उसपर जीत हासिल की।

 

लेकिन सबसे पहले बारी आती है उस व्यक्ति को एक मैसेज भेजकर यह बताने की कि आप उस व्यक्ति से मिलना चाहते हैं। इस ईमेल में यह लिखिए कि किस व्यक्ति से आपको उनका कान्टैक्ट मिला, आप कौन हैं और क्या काम करते हैं। इसके बाद उनसे पूछिए कि वे मीटिंग के लिए कब खाली रहेंगे।

 

एक बार जब आपने इस ईमेल को भेज दिया, तो कुछ दिनों के बाद एक और ईमेल भेजकर उस व्यक्ति से पूछिए कि वो कब और कहाँ पर मिलना चाहेगा। एक बार जब सब कुछ तय हो जाए, तो आप अपनी कहानी को तैयार कीजिए। एक कहानी को आप इस तरह से मजेदार बना सकते हैं।

 

सबसे पहले शुरुआत एक मुसीबत के साथ कीजिए। यह बताइए कि किस तरह से एक वक्त था जब आपके पास बहुत सी परेशानियाँ चल रही थीं। इस कहानी के हीरो आप हो सकते हैं, या फिर आपका कोई दोस्त हो सकता है जिसने आपकी मदद की।

 

इसके बाद आप इस परेशानी को विस्तार से बताइए और सामने वाले को महसूस कराइए कि आपको उस समय क्या क्या तकलीफें थीं। साथ ही यह भी बताइए कि उस परेशानी को अगर आप नहीं सुलझाते तो कौन सी दूसरी परेशानियाँ आ सकती थीं।

 

इसके बाद यह बताइए कि किस तरह से आपने उस परेशानी को सुलझाया। अंत में यह बताइए कि अपनी जिन्दगी के इन लम्हों से आपने क्या सीखा और किस तरह से इससे गुजरने के बाद आप एक बेहतर इंसान बन गए।

 

अब यहाँ पर ध्यान रखने वाली बातें यह है कि यह कहानी कुछ ऐसी होनी चाहिए जिसे सुनकर सामने वाले को इंट्रेस्ट आए। अगर आप एक बिजनेसमैन से बात कर रहे हैं, तो उसे बताइए कि बिजनेस की परेशानी को आप ने कैसे सुलझाया। उसे यह मत बताइए कि किस तरह से आपने अपनी गर्लफ्रेंड को मनाया था।

Coffee_Lunch_Coffee

दूसरे व्यक्ति से मिलते वक्त खुद को प्रेजेंट रखिए और उसकी बात को ध्यान से सुनिए।

बहुत बार हम दूसरों के सामने अपने तनाव को जाहिर कर देते हैं जिस वजह से हमारी मीटिंग अच्छी नहीं जाती। इसलिए यह जरूरी है कि आप खुद को शांत रखें और अपने दिमाग को पूरी तरह से मीटिंग पर फोकस कर कर रखें।

 

सबसे पहले जब आप उस व्यक्ति से मिलिए तो आप अच्छे से उनसे हाथ मिलाइए। इससे यह दिखता है कि आपके अंदर आत्मविश्वास है। साथ ही मिलने से पहले मिलने का समय और मिलने की जगह तय कर लीजिए और मिलने पर आप क्या बातें करेंगे यह भी सोच लीजिए।

 

आप जिस व्यक्ति से मिलने जा रहे हैं उसके बारे में रीसर्च कीजिए और उनके लिए कुछ सवाल तैयार रखिए। आप उनसे उनकी जिन्दगी से संबंधित जितने सवाल पूछेंगे, आप उनके बारे में उतना ज्यादा जान पाएंगे और साथ ही यह भी दिखा पाएंगे कि आपको उनमें दिलचस्पी है।

सवाल पूछने के साथ साथ सुनने पर भी ध्यान दीजिए। इससे आप खुद को प्रेजेंट रख पाएंगे और अपने दिमाग को भटकने से रोक पाएंगे।

अंत में अगर आप मीटिंग से पहले तनाव में हैं, तो आपको अपने तनाव पर काबू पाना चाहिए। इसके लिए आप सामने वाले की आँखों में देखकर बात कीजिए और आँखों में देखकर उसकी बात को सुनिए भी। अगर आपको लगे कि आपका तनाव बढ़ रहा है तो आप धीमी और गहरी साँसें लेना शुरू कीजिए। इससे आपका दिमाग शांत होगा।

अंत में, अपने मूवमेंट्स को कम से कम रखिए। अपने हाथों को कम हिलाइए। इन छोटे छोटे तरीकों को अपनाने से आप सामने वाले पर अपना अच्छा इंप्रेशन छोड़ पाएंगे।

 

नेटवर्किंग करने से पहले अपने पोर्टफोलिओ को बनाना मत भूलिए।

आपका पोर्टफोलिओ आपकी पूरी कहानी सुनाता है। अगर आप इसे सबसे अलग और बेहतर तरीके से बनाएंगे तो आप सबसे बेहतर नेटवर्किंग कर पाएंगे। इस पोर्टफोलिओ में यह लिखा होना चाहिए कि आप कौन हैं। इसमें आपका बिजनेस कार्ड, रेज़्युमे और बायो होना चाहिए।

 

सबसे पहले बात करते हैं इंट्रोडक्शन की। यह ज्यादा से ज्यादा 30 सेकेंड का होना चाहिए ताकि आप जल्दी से सामने वाले को यह बता सकें कि आप कौन हैं, आपकी कहानी क्या है और आपके गोल्स क्या हैं।

 

हमेशा अपने बिजनेस कार्ड को तैयार रखिए, जिसमें आपका नाम, आपका काम और आपका कान्टैक्ट नंबर लिखा हो। साथ ही आप एक पर्सनल कार्ड भी रख सकते हैं जिसमें यह लिखा हो कि आप किस फील्ड के एक्सपर्ट हैं।

 

फिर आप अपने रेज़्युमे को बनाइए। इसमें आपकी पूरी कहानी नहीं होनी चाहिए, बल्कि सिर्फ इतना होना चाहिए जिससे सामने वाले को आप में दिलचस्पी आ जाए। उसे हमेशा अप-टु-डेट रखिए।

 

इसके बाद आपको अपने बायो पर काम करना चाहिए। म्यूलर कहती हैं कि अगर आप अपने बायो को छोटे में लिखना चाहते हैं तो उसे 200 शब्दों में लिखिए और अगर उसमें डीटेल डालना चाहते हैं तो उसे 500 शब्दों में लिखिए। अपने पोर्टफोलिओ को समय के साथ अपडेट करते रहिए। जैसे जैसे आप नई कामयाबियाँ हासिल करते जाएं, उसे अपने पोर्टफोलिओ में लिखते जाइए।

 

एक बार जब आपकी मीटिंग खत्म हो जाए तो आप उस व्यक्ति को उसके समय के लिए एक थैंक यू ईमेल लिखकर भेजिए। अगर उसका ईमेल आपको किसी दूसरे व्यक्ति से मिला हो, तो आप उसे भी एक थैंक यू ईमेल भेजिए और बताइए कि आपकी मीटिंग अच्छी गई। साथ ही यह याद रखिए कि एक मीटिंग में आपने क्या क्या बातें की थी और उससे आप ने क्या सीखा था।

 

नेटवर्किंग करने के बहुत से फायदे हैं और इसलिए हर वक्त इसे बेहतर तरीके से करने के बारे में सोचते रहिए।

यह जरूरी नहीं है कि आप हमेशा प्लान कर के ही किसी से मिलने के लिए जाएं। कभी कभी आपको एक आम सी मुलाकात को भी एक मीटिंग में बदलना होगा। इसके लिए आपको खुद को अपने कम्फर्ट ज़ोन से निकालना होगा। यह करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन इसके फायदे बहुत ज्यादा होते हैं।

एक्ज़ाम्पल के लिए लौरेल टौबी को ले लीजिए जो कि मीडियाबिस्ट्रो की फाउंडर हैं। मीडियाबिस्ट्रो एक वेबसाइट है जहां पर लोग नौकरी खोज सकते हैं। लौरेल ने इसकी शुरुआत से सिर्फ लोगों से मिलकर उन्हें जानने के लिए की थी, लेकिन बाद में उनका यह शौक एक पूरे बिजनेस में बदल गया जो कि आगे चलकर 25 मिलियन डॉलर में बिका।

लौरेल कालेज खत्म करने के बाद एक लेखिका बन गई और अलग अलग मैगज़ीन्स के लिए काम करने लगीं। वहाँ पर कुछ कामयाबी हासिल करने के बाद उन्होंने फ्रीलैंसिंग का काम शुरू कर दिया। लेकिन घर पर सारा दिन अकेले काम करते रहने से उन्हें बहुत अकेलापन महसूस होने लगा।

इसलिए उन्होंने फैसला किया कि वे हर हफ्ते अपने किसी एक क्लाइंट से मिलने के लिए जाएंगी। इस तरह से यह समय के साथ एक पूरे नेटवर्किंग इवेंट में बदल गया और लौरेल ने सोचा कि उन्हें एक वेबसाइट शुरू करनी चाहिए जहां पर लोग नौकरी खोज सकते हैं या फिर किसी को नौकरी पर रख सकते हैं। जब भी कोई कंपनी एक व्यक्ति को नौकरी पर रखेगी, तो लौरेल को उसका एक छोटा सा कमिशन मिलेगा।

उनका यह आइडिया बहुत कामयाब हुआ और इस तरह से अपने अकेलापन मिटाकर लोगों से मिलने से शुरू हुआ सफर एक 25 मिलियन डॉलर की कंपनी में बदल गया।

अब यह जरूरी नहीं है कि हर कोई इस तरह से एक कंपनी खड़ी कर दे, लेकिन नेटवर्किंग के जो फायदे हैं वो आपको कहीं न कहीं जरूर देखने को मिलेंगे।

 

एक रिश्ते को मजबूत बनने में कुछ समय लगता है, इसलिए आपको धैर्य रखना होगा

एक नेटवर्कर बनना आसान काम नहीं है। हर काम की तरह, इस काम में भी एक्सपर्ट बनने में आपको कुछ समय और बहुत सारी मेहनत लगानी होगी। आपको लोगों को सुनना होगा और उनके साथ अच्छे रिश्ते बनाने की कोशिश करनी होगी। नेटवर्किंग कुछ ऐसा नहीं है जो आप एक बार करते हैं और फिर भूल जाते हैं। यह प्रासेस आपकी पूरी जिन्दगी चलती रहेगी।

 

इसके अलावा आपको हर उस व्यक्ति का नाम और कान्टैक्ट याद रखना होगा जिससे आप मिल रहे हैं। आपको उनसे समय समय पर मिलकर उनकी खबर लेती रहनी होगी। आपको उनसे वो सवाल पूछने होंगे जिससे आपको यह पता लग सके कि उनकी जिन्दगी में क्या चल रहा है। सिर्फ काम से संबंधित सवाल ही नहीं, आपको उनसे उनकी जिन्दगी से संबंधित सवाल भी पूछना होगा।

 

नेटवर्किंग करते वक्त आपको यह बात याद रखनी होगी कि छोटे समय में आपको इसका कोई फायदा नहीं देखने को मिलेगा। इसलिए आपको हार नहीं माननी है और नए नए लोगों से मिलने की प्रक्रिया जारी रखनी है।

नेटवर्किंग करना एक बगीचा उगाने जैसा है। शुरुआत में वो

पौधे आपको कुछ नहीं देंगे और आपको उनका बहुत खयाल रखना होगा। लेकिन जब वो पेड़ बन जाएंगे, तो आपको उनसे जिन्दगी भर फायदा मिलता रहेगा।

 

नेटवर्किंग करना हर व्यक्ति के लिए बहुत जरूरी है। किसी व्यक्ति से मिलने से पहले आपको अपना पोर्टफोलिओ तैयार कर लेना चाहिए। साथ ही, लोगों का ध्यान खींचने के लिए आपको अपनी एक कहानी भी तैयार रखनी चाहिए। मीटिंग से पहले आपको अपने तनाव पर काबू रखना चाहिए। जब भी आप किसी व्यक्ति से मिलें, तो उससे मुस्कुराते हुए मिलिए। नेटवर्किंग के फायदे आपको छोटे समय में नहीं दिखेंगे, लेकिन समय के साथ इसकी अहमियत आपको समझ में आएगी।

हमेशा नए लोगों से मिलने की प्लानिंग करते रहिए।

यह जरूरी नहीं है कि जब आपको कुछ काम हो तभी आप लोगों से मिलने के लिए जाइए। भले ही आप अपने काम से पूरी तरह से खुश हों, आपको नए लोगों से मिलने की कोशिश करते रहनी चाहिए। आप हर महीने कुछ नए लोगों से मिलने का गोल बनाइए और हर हफ्ते उन लोगों से मिलने के लिए जाइए।

यह सोचिए कि किस तरह से आप नेटवर्किंग को मजेदार बना सकते हैं।

यह देखिए कि आपकी जिन्दगी में वो कौन नी चीजें हैं जिनसे आपको मजा आता है। इसके बाद यह पता लगाने की कोशिश कीजिए कि किस तरह से उस चीज़ को आप अपने नेटवर्किंग मीटिंग में इस्तेमाल कर सकते हैं और उसे ज्यादा मजेदार और यादगार बना सकते हैं।

Read More

Exit mobile version